Sunday, October 14, 2018

ME TOO MOVEMENT KYA HAI

ME TOO मूवमेंट क्या है? #METOO सोशल मीडिया पर क्यों वायरल हो रहा है? हर बड़ी सेलिब्रिटी दूसरे आदमी पर आरोप लगा रही है. हैश टैग #METOO सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है.  आरोप और प्रत्यारोप का दौर बदस्तूर जारी है. भारत में इसकी शुरुआत बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने की थी. उसके बाद नए नए चेहरे सामने आते गए. बॉलीवुड से लेकर राजनीतिक हस्तियों तक MEE TOO MOVEMENT के घेरे में हैं. अगर आपको अभी तक MEE TOO मॉवेन्ट के बारे में नहीं पता तो आज इस पोस्ट को पूरा पढ़िएगा, इससे आपको इस मूवमेंट के बारे में सारी जानकारी हो जायेगी।

1.मीटू मूवमेंट की शुरुआत अमेरिका देश से हुई थी जब वहां औरते अपने साथ हुए यौन शोषण के बारे में एक के बाद एक सोशल मीडिया पर आ कर बताने लगीं।

2.इसमें कामकाजी महिलाये अपने काम करने के स्थान पर हुई यौन शोषण की घटनाओ और हिंसा के बारे में खुल कर बताती हैं.

3.साल 2006 में अमेरिकन-अफ्रीकन महिला मानवाधिकार कार्यकर्ता तराना बर्क ने सबसे पहले अपने साथ हुई घटनाओं के बारे में बताकर इसकी शुरुआत की थी.

जानें: पृथ्वी शॉ के बारे में 10 रोचक जानकारियां

4.तराना ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट "my space" पर महिलाओं को अपने बारे में हुई आप बीती बताने को कहा.

5.अमेरिका में कई बड़ी हस्तिया ME TOO अभियान के तहत अपने साथ हुई हिंसा को सामने ला चुकी है.

6.हॉलीवुड एक्ट्रेस एल्सा मिलानो को साल 2017 में एक मैसेज मिला. उसमे लिखा था की अगर आपके साथ कभी भी यौन हिंसा हुई हो तो उसे हैश टैग metoo  के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट करें। मिलानो ने जब अपने साथ हुई आप बीती का खुलासा करने वाला ट्वीट किया तो देखते ही देखते ये मैसेज वायरल हो गया और इसने विश्व्यापी रूप ले लिया। हॉलीवुड की दूसरी एक्ट्रेस और अन्य सेक्टर्स की महिलाये भी इससे जुड़ गयीं।

7.भारत में अब तक नाना पाटेकर, कोरिओग्राफर गणेश आचार्य, सिंगर कैलाश खेर, अलोक नाथ और केंद्र सरकार के मंत्री अकबर पर ये आरोप लग चुके हैं. इसका सिलसिला अभी तक बदस्तूर ज़ारी है.

8.भारत सरकार ने साल 2013 में अधिनियम बनाया था जिसमे अगर किसी महिला के साथ कार्य स्थल में यौन उत्पीड़न हुआ है तो वो IPC की धारा 354(A ) में सम्बंधित के खिलाफ मुकददमा दर्ज करा सकती है. इसमें पांच साल तक की सजा का प्रावधान है.

दोस्तों किसी भी महिला के साथ हिंसा एक दंडनीय अपराध है. अगर किसी महिला के साथ कभी भी ऐसा कुछ हुआ है तो उसे आगे आकर बोलने का पूरा हक़ है. चाहे वो हिंसा सालों पहले ही क्यों न हुई हो. ऐसे मूवमेंट कहीं न कहीं महिलओं को शक्ति देते हैं की वो आगे आएं और खुल कर अपना पक्ष रख सकें। एक दूसरे को देख कर ही सही, कम से कम महिलाये अपने साथ हुई हिंसा को #meetoo  के जरिये बता तो रही ही हैं.

अब देखते हैं भारत में हैश टैग मीटू में कौन कौन से बड़े नाम और सामने आते हैं.

तो दोस्तों ये थीं #METOO के बारे में कुछ बाते। क्या आपको ये बाते पता थीं? कमेंट्स बॉक्स में अपनी राय ज़रूर बताइयेगा।

हमें FACEBOOK पर करने के लिए क्लिक करें:

मिलते हैं दोस्तों हमारी अगली पोस्ट में.













No comments:

Post a Comment