Tuesday, October 23, 2018

जीवन पर एक कविता

दोस्तों आज हम आपके लिए लाएं हैं ज़िंदगी पर एक कविता। ये कविता मैंने जीवन के मूल्यों को ध्यान में रख कर लिखी है. जीवन वैसे भी एक कविता समान है, जिसकी अगर शुरुआत होती है तो अंत भी ज़रूर होता है. हम सब माटी के पुतले हैं. हमारा कोई मूल्य नहीं है. ये जीवन की कड़वी सच्चाई है. ये सभी बाते हम सभी को पता हैं पर हम जीवन की भाग दौड़ में भूल जाते है.  इस कविता को पढ़ कर बेशक आपको अच्छा लगेगा। आपका अपना धमेंद्र।

दोस्तों आपसे विनम्र निवेदन हैं मेरे इस ब्लॉग को अपने मित्रों के साथ ज़रूर शेयर करें। इससे हमें आपके लिए नयी पोस्ट लिखने के लिए ऊर्जा मिलती है.




ज़िंदगी- आपधापी का नाम.

इस आपाधापी भरे जीवन से,
भर गया मन हर मंजर से,
यहाँ सुबह भी भागती सी है,
रात भी जागी जागी सी है,
सुकून भी यहाँ सुकून ढूंढ़ता हैं,
एहसास भी यहाँ एहसास से खाली है,
अंधी दौड़ ये पथ रहित ही है,
हर अभिलाषा खोई खोई सी है,
किताब के चार अक्षर याद कर के,
ज़िंदगी का सार ही भुला बैठे हम,
क्या पाना है कहाँ जाना है,
इस सावल का न कोई ठिकाना है,
यंत्रों में उलझ कर हम यंत्र हुए,
महत्वकांक्षा की आग में सब जल रहे,
बड़ी बड़ी इमारतों में हम आ गए,
छोटी छोटी खुशियाँ पीछे छोड़ आये,
पर्व भी आज कल सिर्फ यंत्रों में ही मनते हैं,
लोगों को सामने देख चेहरा ही छुपा लेते हैं,
कहने को छू लिया आज हमने चाँद, पर,
ठीक से जमीन पर चलना न आया हमें,
ये इंसानी चोले में कौन है समाया,
खुदा ने इंसान ऐसा तो नहीं था बनाया,
क्यों हम आज रगड़े झगडे में पड़े रहते हैं,
हर वक़्त एक दूसरे को काटने में लगे रहते हैं,
भूल गया इंसान खाली आया था खाली जायेगा,
मुट्ठी में भर के एक तक तिनका ना ले जा पायेगा,
अभी वक़्त है संभल जा ऐ इंसान,
नहीं तो आएगा कुदरत का तूफ़ान,
न तू बचेगा न तेरी हस्ती,
धरी की धरी रह जायेगी सारी तेरी पूंजी।
-धर्मेंद्र 

दोस्तों आपको हमारी ये कविता किसी लगी कमैंट्स में ज़रूर बताइयेगा।









Friday, October 19, 2018

HAPPY DASHEHRA




बातों का आशियाना के सभी पाठकों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनायें।






आप सभी को विजयदशमी की हार्दिक शुभकामनाये। राम जी के आदर्शों पर चलें और मर्यादित जीवन जीए. अपने अंदर के बुराई रूपी रावण को मारें और सदा खुश रहे.

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Thursday, October 18, 2018

अनमोल विचार

दोस्तों आज हम आपके लिए हिंदी में अनमोल विचार लाये है. आज जबकि इंसान के पास खुद के लिए वक़्त तक नहीं है, तब ऐसी अच्छी बाते और सुविचार ही हमारे जीवन को एक नया आयाम देने का काम करते हैं. आपने कभी न कभी इस जीवन को इस नजरिये से ज़रूर देखा होगा जो हम आज बताने जा रहे हैं. आज जो बाते मैं बताने जा रहा हूँ वो आपको कुछ पल के लिए अपने जीवन के बारे में ज़रूर सोचने पर मज़बूर कर देंगी।


1.मन को समझने वाली माँ और भविष्य पहचानने वाले पिता के अलावा दुनिया में कोई और ज्योत्षी नहीं होता।

2.जीत किसके लिए, हार किसके लिए और ये तकरार किसके लिए? यहाँ जो आया है वो जाएगा एक दिन, फिर ये एहंकार किसके लिए?
3.शिकायते तो बहुत है ऐ ज़िंदगी तुझसे, पर चुप इसलिए हूँ क्यूंकि जो तूने दिया वो भी बहुतों को नसीब नहीं होता।

Sunday, October 14, 2018

ME TOO MOVEMENT KYA HAI

ME TOO मूवमेंट क्या है? #METOO सोशल मीडिया पर क्यों वायरल हो रहा है? हर बड़ी सेलिब्रिटी दूसरे आदमी पर आरोप लगा रही है. हैश टैग #METOO सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है.  आरोप और प्रत्यारोप का दौर बदस्तूर जारी है. भारत में इसकी शुरुआत बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने की थी. उसके बाद नए नए चेहरे सामने आते गए. बॉलीवुड से लेकर राजनीतिक हस्तियों तक MEE TOO MOVEMENT के घेरे में हैं. अगर आपको अभी तक MEE TOO मॉवेन्ट के बारे में नहीं पता तो आज इस पोस्ट को पूरा पढ़िएगा, इससे आपको इस मूवमेंट के बारे में सारी जानकारी हो जायेगी।

1.मीटू मूवमेंट की शुरुआत अमेरिका देश से हुई थी जब वहां औरते अपने साथ हुए यौन शोषण के बारे में एक के बाद एक सोशल मीडिया पर आ कर बताने लगीं।

2.इसमें कामकाजी महिलाये अपने काम करने के स्थान पर हुई यौन शोषण की घटनाओ और हिंसा के बारे में खुल कर बताती हैं.

3.साल 2006 में अमेरिकन-अफ्रीकन महिला मानवाधिकार कार्यकर्ता तराना बर्क ने सबसे पहले अपने साथ हुई घटनाओं के बारे में बताकर इसकी शुरुआत की थी.

जानें: पृथ्वी शॉ के बारे में 10 रोचक जानकारियां

4.तराना ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट "my space" पर महिलाओं को अपने बारे में हुई आप बीती बताने को कहा.

5.अमेरिका में कई बड़ी हस्तिया ME TOO अभियान के तहत अपने साथ हुई हिंसा को सामने ला चुकी है.

6.हॉलीवुड एक्ट्रेस एल्सा मिलानो को साल 2017 में एक मैसेज मिला. उसमे लिखा था की अगर आपके साथ कभी भी यौन हिंसा हुई हो तो उसे हैश टैग metoo  के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट करें। मिलानो ने जब अपने साथ हुई आप बीती का खुलासा करने वाला ट्वीट किया तो देखते ही देखते ये मैसेज वायरल हो गया और इसने विश्व्यापी रूप ले लिया। हॉलीवुड की दूसरी एक्ट्रेस और अन्य सेक्टर्स की महिलाये भी इससे जुड़ गयीं।

7.भारत में अब तक नाना पाटेकर, कोरिओग्राफर गणेश आचार्य, सिंगर कैलाश खेर, अलोक नाथ और केंद्र सरकार के मंत्री अकबर पर ये आरोप लग चुके हैं. इसका सिलसिला अभी तक बदस्तूर ज़ारी है.

8.भारत सरकार ने साल 2013 में अधिनियम बनाया था जिसमे अगर किसी महिला के साथ कार्य स्थल में यौन उत्पीड़न हुआ है तो वो IPC की धारा 354(A ) में सम्बंधित के खिलाफ मुकददमा दर्ज करा सकती है. इसमें पांच साल तक की सजा का प्रावधान है.

दोस्तों किसी भी महिला के साथ हिंसा एक दंडनीय अपराध है. अगर किसी महिला के साथ कभी भी ऐसा कुछ हुआ है तो उसे आगे आकर बोलने का पूरा हक़ है. चाहे वो हिंसा सालों पहले ही क्यों न हुई हो. ऐसे मूवमेंट कहीं न कहीं महिलओं को शक्ति देते हैं की वो आगे आएं और खुल कर अपना पक्ष रख सकें। एक दूसरे को देख कर ही सही, कम से कम महिलाये अपने साथ हुई हिंसा को #meetoo  के जरिये बता तो रही ही हैं.

अब देखते हैं भारत में हैश टैग मीटू में कौन कौन से बड़े नाम और सामने आते हैं.

तो दोस्तों ये थीं #METOO के बारे में कुछ बाते। क्या आपको ये बाते पता थीं? कमेंट्स बॉक्स में अपनी राय ज़रूर बताइयेगा।

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मिलते हैं दोस्तों हमारी अगली पोस्ट में.













Friday, October 12, 2018

नवरात्री के बारे में 10 महत्वपूर्ण बातें।

दोस्तों,  नवरात्री के बारे में 10 रोचक बातें आपको आज हम यहाँ बताने जा रहे हैं. नवरात्री का 2018 में ही नहीं, प्राचीन काल से ही महत्व रहा है. हमारे भारत में साल में 2 बारे नवरात्री आती हैं. दोनों का अपना अपना महत्व हैं.
नवरात्री में भारत के लोग 9 दिनों तक लगातार व्रत रखते है. ऐसी मान्यता है की 9 दिनों तक व्रत रखने से माता खुश होती हैं और घर में सुख शान्ति बानी रहती है.
तो आइये आज हम जानते हैं नवरात्री के बारे में दस महत्व वाली बातें।


1. नवरात्री दो शब्दों का मेल है. पहला है नव जिसका अर्थ है नौ और रात्रि मतलब रात. दोनों को मिला दें तो बनता है नवरात्री। नवरात्री का साफ अर्थ है की आपको 9 रातों तक अन्न नहीं खाना है अर्थात व्रत रहना है. 

2. नवरात्री साल में दो बार मनाई जाती है. पहली नवरात्री को कहते है अश्विना नवरात्री जबकि दूसरी नवरात्री को कहते है महा नवरात्रि जो की अभी चल रही है. इसे महान नवरात्री भी कहा जाता है.

3. नौ दिनों तक चलने वाली नवरात्रि में शक्ति की नौ देवियों को अलग अलग दिनों में पूजा जाता है. ये देविया हैं:  दुर्गा, भद्रकाली, जगदम्बा, अन्नपूर्णा, सर्वमंगला, भैरवी, चन्द्रिका, ललिता, और मूकाम्बिका भवानी।

4. देवी दुर्गा और राक्षस महिसासुर के बीच दस दिनों तक युद्ध चला था. दसवें दिन दुर्गा ने महिसासुर का सर धड़ से अलग कर दिया था. इसी दिन को हम दशहरा के रूप में मनाते है.

5.  ये भी कहा जाता है की भगवन राम ने रावण को 10वे दिन मार दिया था. ये यद्ध भी इसी दौरान चला था. यही कारण है की लोग दशहरा पर रावण का पुतला जलाते हैं.

6. गरबा और डांडिया दो इसी दौरान किये जाने वाले प्रसिद्द नृत्य है. नवरात्रों के आखरी दिन जगह जगह नृत्य का आयोजन होता है. गुजरात और बंगाल में ये ख़ास तौर पर नृत्य किया जाता है.

7. नवरात्रि के आखिरी दिन बच्चो को लोग अपने अपने घरों में खाने पर बुलाते हैं. बालिकाओं को विशेष तौर पर आमंत्रित किया जाता है और लोगो बालिकाओं को देवी का रूप मानते हैं.

8. महिषासुर का सर बैल के सर के सामान था. क्यूंकि दुर्गा जी ने महिसासुर का सर काट दिया था, इसी को मानते हुए कुछ जगह बेलों की बलि देने का भी प्रचलन है.

9. एक मान्यता ये भी है की ब्रम्हा जी ने भगवान राम को रावण से लड़ने से पहले नौ दिनों तक पूजा करने को कहा था. इसी को मानते हुए लोग नवरात्री का त्यौहार मानते हैं. ऐसी मान्यता कई जगह है. 

10. नवरात्रि के आखरी दिन सभी अपना व्रत अन्न ग्रहण कर के तोड़ लेते हैं और कुछ जगह तो उसी शाम को पान खाने का भी प्रचलन है. 

तो दोस्तों आपको हमारी ये पोस्ट कैसी लगी हमें कमैंट्स में ज़रूर बताइयेगा।


मिलते है दोस्तों हमारी अगली पोस्ट में. 





Sunday, October 7, 2018

इन पांच बातों से जाने आपका दोस्त सच्चा है या नहीं।

                          अपने दोस्त में ये पांच बाते ज़रूर परख लें
दोस्तों, ज़िंदगी हमें बहुत सिखाती है. कुछ चीज़ें अच्छी होती हैं और कुछ बुरी। हम अपनी ज़िंदगी में हज़ारों लोगों से मिलते है.  उनमे से कुछ अपने होते और कुछ से हम मिलकर उनसे आगे बढ़ जाते हैं. ऐसे ही रिश्ते- नाते होते है. कुछ हमें जन्म के साथ ही मिल जाते है, जैसे की माता-पिता, भाई-बहन, चाचा-चाची इत्यादि और कुछ हम खुद बनाते हैं. जैसे की दोस्ती, पति-पत्नी आदि. हमें सभी रिस्तों को यहाँ निभाना पड़ता है. आज हम बात करेंगे दोस्ती के रिश्ते की। ये रिश्ता सब रिश्तों में खास है। दोस्ती ही ऐसा रिश्ता है जो हम जीवन में सबसे पहले खुद चुनते हैं। जो हमारे काम आता है, हमारी रेस्पेक्ट करता है और हमारे विचारों को सम्मान देता है, हम उसे अपना दोस्त बना लेते हैं। दोस्ती अच्छे लोगों से हो तो जीवन अच्छा रहता है और दोस्ती बुरे लोगों से हो तो अनेकों कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। किसी के लिए ये जानना अत्यंत आवश्यक है कि उसका दोस्त सच्चा है या नही।

सच्ची गवाही तो खुद का दिल ही दे सकता है पर फिर भी कुछ परिस्थितियों में नापकर हम ये पता लगा सकते हैं कि दोस्ती सच्ची है कि नहीं। आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको ऐसे पांच बिंदु बताने जा रहे हैं जिससे आप ये जान सकते हैं कि आपका दोस्त सच्चा है या नही। ये आपको कहीं किसी किताब में नहीं मिलेंगे। ये कई लोगों से बात करने के पश्चात अनुभव से निकले हैं।


1.दोस्त की आदतें: दोस्तो पहली कसौटी यही है कि आपको अपने दोस्त की आदतों के बारे में जानना चाहिए। वो सच बोलता है या झूठ, जीवन जो लेकर उसका नज़रिया क्या है। आपको ये ज़रूर देखना चाहिए  की जिससे आपकी मित्रता है कहीं उसके किसी प्रकार के गलत शौक़ तो नही है।आपको ये भी जानना चाहिए कि जो आदतें आप में हैं क्या वही आपके दोस्त में हैं या नहीं। क्योंकि समान आदतों वाले दोस्तों की दोस्ती अक्सर सच्ची हुआ करती है, मतलब दोस्ती सफल होने की संभावना यहां बहुत प्रबल है।

पृथ्वी शॉ के बारे में 10 रोचक जानकारियां

         डेब्यू मैच में शतक जमाने वाले पृथ्वी शॉ के बारे में 10 रोचक बातें

दोस्तों अगर आप भारतीय हो तो आप क्रिकेट से जरूर वाकिफ होंगे। कहते हैं भारत में 3 प्रोफेशन से जुड़े लोग रातों रात फर्श से अर्श पर पहुँच जाते हैं. पहला है राजनीति, दूसरा है बॉलीवुड और तीसरा है क्रिकेट। तीनो में बेशुमार पैसा है.  आज हम बात करेंगे क्रिकेट की. जी हैं दोस्तों! क्रिकेट की बात इसलिए क्यूंकि आज हर क्रिकेट प्रेमी की जुबान पर एक ही नाम चढ़ा है और वो है पृथ्वी शॉ. पृथ्वी एक क्रिकेटर हैं और उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला। अपने पहले ही मैच में उन्होंने 134 रन जड़कर सबका ध्यान अपनी और खींचा है. 

तो आइये 9 नवंबर 1999 को विरार में जन्मे पृथ्वी शॉ के बारे में कुछ रोचक जानकारियां।

1. पृथ्वी महाराष्ट्र के हैं और ये अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट मैच में अपने डेब्यू मैच में शतक जमाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज हैं.

2 . 2013 में मुंबई में आयोजित एक मैत्री मैच में पृथ्वी ने 330 गेंदों पर 546 रन जड़कर सारे देश का ध्यान अपनी और खींचा था.

Thursday, October 4, 2018

गीता के पांच सबसे शक्तिशाली ज्ञानपूर्ण श्लोक जो जीवन बदल देंगे

       भागवत गीता के पांच श्लोक आपके जीवन के लिए बहुत उपयोगी है!

Hi Doston! अगर हम आज की दुनिया की बात करें तो आज सब कुछ बहुत तेज़ है. सभी आज अपनी अपनी ज़िंदगी में सफलता का परचम लहराना चाहते हैं. विलासिता की दौड़ दोस्तों ऐसी है की इंसान खुद का मूल उद्देश्य भूल सा गया है. बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों के बीच में एक अजीब से घुटन है. रिश्तों तो एक तरफ तार तार हो ही रहे हैं, दूसरी तरफ इंसान की हैवानियत से न्यूज़ पेपर और चैनल्स भरे पड़े रहते हैं.  आज आप खुद से पूछ कर देखिये क्या आप वाकई खुश हैं? अगर जवाब हाँ हैं तो ज़रूर आप विलासिता की इस दौड़ से अभी भी अछूते हैं.  और अगर जवाब ना है तो आपको कुछ पल रुक कर खुद के लिए सोचने का समय है.
दोस्तों, हमेशा ये याद रखिये की हम अपने साथ कुछ भी साथ नहीं ले जाने वाले। हम जैसे खाली हाँथ आये थे वैसे ही हमें जाना होगा। पैसे के पीछे सिर्फ इतना ही भागें जितने में आपकी ज़रूरतें पूरी हो सकें। हमारे रिश्ते, दोस्त और सगे-सम्बन्धी यही हमारी असली दौलत है. अपने भारत की संस्कृति भी आध्यात्मिक ही रही है. हमारे वेद और पुराण हमें अच्छे और बुरे का ज्ञान बखूबी करवा देते हैं. हमारे यहाँ कई ऐसे ग्रन्थ की रचना हुई है जिनसे इंसान खुद के लिए बहुत कुछ सीख पाता है.

एक तरफ जहाँ हमें महाभारत राजनीति और रिश्तों के खेल बाखूबी समझा देती है, वहीँ रामायण हमें एक ऐसे जीवन के बारे में बताती है जिससे हम मान-मर्यादा, गुरु-शिष्य, अहंकार का नाश आदि चीज़ें सीख सकते हैं. पुराण हमें हर कठिन से कहतीं समस्या का हल बड़ी ही सालता से समझा देते हैं. हमारे यहाँ ऋषि-मुनि, महापुरुषों ने समय समय पर आ कर भारत की वृहद संस्कृति को पूरी दुनिया में फ़ैलाने का काम तो किया ही है साथ ही इसे आज तक लोगों के दिलों में ज़िंदा भी रखा है.

आज हम बात करेंगे गीता की. गीता में श्री कृष्णा भगवान ने कुरक्षेत्र के मैदान में हुए महाभारत में अर्जुन को इस जीवन की सच्चाई से रूबरू कराया था. उन्होंने अर्जुन को इस जीवन के ऐसे ऐसे गूढ़ रहस्यों से पर्दा उठाया था, जो की इस कायनात के रहने तक सच ही रहेंगे। दोस्तों हम भी भगवत गीता के उन श्लोकों से बहुत कुछ सीख सकते हों. आज मैं ऐसे पांच श्लोक यहाँ पर आज के जीवन के सापेक्ष में बताने वाला हूँ जो आपके जीवन में बहुत हद तक परिवर्तन लाएंगे बशर्ते आप उन्हें अपने जीवन में उतार लें.



1. यदा संहरते चायं कूर्मोऽङ्गानीव सर्वश: |
इन्द्रियाणीन्द्रियार्थेभ्यस्तस्य प्रज्ञा प्रतिष्ठिता ||
अर्थ: जिस प्रकार कछुआ अपने अंगों को संकुचित कर के खोल के अंदर कर लेता है उसी तरह जो मनुष्य अपनी इन्द्रियों को इंद्रीविषिओं से खींच लेता है, वह पूर्ण चेतना में दृढ़ता पूर्वक स्थिर होता है.

Tuesday, October 2, 2018

लाल बहादुर शास्त्री जी के बारे में 10 अनोखी बातें

                   लाल बहादुर शास्त्री जी के बारे में 10 अनोखे तथ्य 
दोस्तों आज लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती है. दोस्तों 2 अक्टूबर 1904 को लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म वाराणसी में एक हिन्दू परिवार में अपने नाना और नानी के यहां हुआ था। शास्त्री जी भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे। नेहरू जी की मृत्यु के बाद उन्हें भारत देश की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी। शास्त्री जी का दिया गया नारा "जय जवान, जय किसान" आज भी बच्चे बच्चे के मुंह पर होता है। शास्त्री जी सबसे ज्यादा अपनी सादगी के लिए जाने जाते है। 1965 में में जब पाकिस्तान ने भारत को कमज़ोर समझ हमला कर दिया था तो वो शास्त्री जी ही थे जिनके नेतृत्व में भारत ने पाकिस्तान को नाकों चने चबवा दिए थे।
दोस्तों, शास्त्री जी की मृत्यु 11 जनवरी 1966 को ताशकंद में हुई थी। शास्त्री जी की का निधन आज तक एक रहस्य बना हुआ है। ऐसे सादगी भरे नेता को हमारा कोटि कोटि नमन है। आइये जानते है शास्त्री जी के जीवन के बारे में 10 ऐसी बाते जिससे हम सब बहुत कुछ सीख सकते हैं।


 1. दोस्तों, शास्त्री जी के ऊपर से माँ-पिता का साया बचपन में ही हट गया था. उनका परिवार एक गरीब परिवार था और पढ़ने लिखने के ज्यादा संसाधन न थे. इसके बावजूद शास्त्री जी नदी तैर कर पढ़ने जाते थे. हमें इससे ये सीख मिलती है की इंसान को विषम परिस्थितयों में भी हार नहीं माननी चाहिए।

Monday, October 1, 2018

अपने सपनों को जी लेंगे आप ये पांच बाते पढ़कर

                  सपना देखिये और उसे पा लीजिये।
Hi Doston! अगर मुझसे पूछा जाए की इंसान की सबसे बड़ी पूंजी क्या है तो मैं कहूंगा की उसका सपना। इंसान सब कुछ खोकर भी अमीर बना रह सकता है अगर उसके पास अपना सपना है. ज़िंदगी आसान भाषा में यही है की सपना देखो और उसे पूरा करो। आपको सपना देखना है और उसे पूरा करने के लिए जी तोड़ मेहनत करनी है। बिना सपने का इंसान ठीक वैसा ही होता है जैसे कि बिना इंजन की रेल गाड़ी जिसका एक जगह स्थिर रहना तय है। और एक जगह जमें रहना पेड़ों का स्वभाव है ना कि इंसान का। इंसान का स्वभाव तो अपने सपनो को पूरा करना है और उनके पीछे भागते रहना है।
कई लोग जीवन से इतने हताश हो जाते हैं कि आप उनसे जब भी मिलेंगे तो आपको उनके अंदर नकारात्मकता ही मिलेगी। दोस्तों, हार तो वो इंसान जाता है जो कभी रेस में शामिल ही नही हुआ। अगर भगवान ने आपको इंसान का जन्म दिया है तो आपको हर वो संसाधन दिए है जिससे आप खुद को एक सफल इंसान बना सकते हो। अगर आप ठान ले तो कोई ऐसी चीज़ नहीँ है जिसे आप Achieve न कर सकें।
जानी मानी कंपनी एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स ने ज़िन्दगी को लेकर एक बहुत ही अच्छी बात कही थी जो मुझे हमेशा inspire करती है। उन्होंने कहा था कि "इंसान के आने और जाने का वक़्त पहले से तय है। आप किसी की बातों से डरें नहीं न ही किसी की बाते सुन कर आप हताश हों। ना वो यहाँ हमेशा के लिए रहने वाला है ना ही आप। आप पहले से नंगे हैं"। बिल्कुल सही बात है दोस्तों। वास्तव में हमारे पास टाइम बहुत कम है। तो बड़े बड़े सपने देखिये और इन्हें आगे बढ़ कर पा लीजिये।
दोस्तों नीचे बताई पांच बाते अगर आप अपने जीवन में उतार लें तो कोई भी आपको अपनी मंज़िल तक पहुचने से रोक नहीं सकता!