Saturday, September 22, 2018

ज़िंदगी- सोच सोच का फ़र्क़

                             ज़िंदगी- सोच सोच का फ़र्क़ 


दोस्तों, यूँ तो ज़िन्दगी जीने के  कई तरीके होते है, पर वो अलग ही होते है, जो ज़िंदगी को शिद्दत से जीते है. वो आनंद मूवी का एक  डायलॉग है न की "ज़िंदगी बड़ी होनी  चाहिए लम्बी नहीं", एक दम सच्ची बात है. कुछ लोग इस दुनिया में आते है जो अल्प आयु होते हैं, लेकिन सदियों तक दुनिया उन्हें याद रखती है. स्वामी विवेकानंद और मुंशी प्रेमचंद इसके बेमिसाल EXAMPLES हैं. कुछ लोग ज़िंदगी को कोस कोस के काटते है. आप जब भी ऐसे लोगो से मिलोगे तो वो 50 समस्या अपनी लाइफ की आपको गिना देंगे। इसके विपरीत कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनसे  मिलकर ही आप में एक  नयी ऊर्जा का संचार हो जाता है. टेंशन हर किसी की लाइफ में है दोस्तों और ये सदा आपके साथ रहेंगी, पर आपको इन्हे कैसे हैंडल करना है, ये आपके विवेक और समझ पर निर्भर करता है. लाइफ को लेकर आपकी सोच कैसी है, यही तय करती है की आपका जीवन कैसा होगा।

नीचे 5 इम्पोटेंट पॉइंट्स को अपनाकर आप अपने जीने की सोच को ले कर एक नया नजरिया पा सकते हैं. 






1. एक दिन आप खुद नहीं रहेंगे: फ्रेंड्स, मुझसे अगर पूछा जाए की आपके जीवन का सबसे बड़ा motivation क्या है, तो मैं कहूंगा की मेरा एक दिन न रहना! हाँ दोस्तों, चूँकि आप एक दिन रहेंगे ही नहीं, तो यहाँ पर दुःख, चिंता की बात कहाँ से आ गयी? यहाँ कुछ भी परमानेंट नहीं है. ना आप और ना मैं. फिर दुःख, सुख, चिंता, क्रोध, ये सब भी एक छड़ीक मात्र हैं. इसलिए आप खुल के जीना start कर दीजिये। अपने दोस्त और परिवार जनों से गर्मजोशी और मुस्कुराकर मिलिए। किस पल हमारी ज़िंदगी की किताब का  अंतिम पन्ना आ जाए हमें नहीं पता. पर हमें ये ज़रूर तय करना है की उससे पहले का हर पन्ना सिर्फ प्यार और खुशियों से भरा हो.

दोस्तों अगर मैं आपसे कहूं की आप जिस तरह से जी रहे हो, दिन रात भागे जा रहे हो बेसुध, वो कभी खत्म नहीं होगा। मतलब आप कल्पना कीजिये की आप कभी मरोगे ही नहीं, आप अमर हो. क्या आप अन्नंत काल तक ऐसे ही जीना चाहोगे? ऐसे ही भागते रहना चाहोगे? हम अगर कोई दुख झेल लेते हैं, या फिर कोई ऐसी नौकरी कर लेते जो हम असल में नहीं करना चाहते वो सिर्फ इस लिए कर पाते हैं की आपको पता है की एक दिन आप बूढ़े हो जाओगे और आप ये सब ख़त्म होगा। बेशक आप हर टाइम ये सब नहीं करना चाहोगे। तो फ्रेंड्स हम जानते सब कुछ है पर जरुरत सिर्फ सच्चाई को accept करने की है. तो लग जाइये आज से हर छोटी चीज़ों में खुशियों ढूढ़ने में!


2.लोग क्या कहेंगे: सबसे बड़ा रोग यही है की लोग क्या कहेंगे? ये ना जाने हर पल कितने सपनो को मार देता है. हमें वही करना चाहिए जो हम करना चाहते हैं. आपकी ज़िंदगी सिर्फ आपकी है, किसी और की ख़्वाहिशें खुद पर न थोपें। अपने भारत में ना जाने कितने लोग चमकने से पहले ही अस्त हो जाते है. अभी फेसबुक पर एक "DANCING UNCLE " का वीडियो वायरल हुआ था. हम  सब ने उसे देखा। उस एक वीडियो ने उस इंसान की ज़िंदगी बदल कर रख दी।  अगर उन्होंने इसकी परवाह की होती की लोग क्या कहेंगे तो शायद उनका टैलेंट इस दुनिया के सामने न आ पाता।
लाइफ एक ही बार मिलती है और ये भी परमानेंट नहीं है. जो आपकी आलोचना करते हैं वो भी एक दिन नहीं रहेंगे और जो तारीफ करते हैं वो खुद भी नहीं रहेंगे। तो परवाह किस बात की? आप सिर्फ वही करें जो आपका दिल चाहता है. कहते अगर आप अपने मन के काम को आप अपना व्यापार बना लें तो आपको सफलता चूमने से कोई नहीं रोक सकता है.

तो दोस्तों इस बात की परवाह बिलकुल न कारण की लोग क्या कहेंगे क्यूंकि कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना!

3.जिंदगी न मिलेगी दोबारा: मूवी तो आपने देखी ही होगी। मैंने भी देखी है.  कहते हैं इंसान का जन्म अनमोल होता है. हां दोस्तों, जीवन सिर्फ एक  ही बार मिलता है और उसे हमे खुल जीना चाहये। बोझ समझ कर जीने से आपकी किसी भी समस्या का हल होने वाला नही है। जीना तो है ही, तो क्यों न खुल कर जिया जाए। एक बार मिले इस अनमोल जीवन को क्यों न खुशियों के रंग से भर दिया जाए।रुपया पैसा ये सब जीने के लिए बहुत ज़रूरी है पर सिर्फ ज़िन्दगी इन्ही के लिए बन कर रह जाये तो ऐसी जिंदगी का भी कोई फायदा नहीं है। आप बेहतरी के लिए प्रयास जरूर करें पर कुछ इच्छाएं पूरी न होने पर हताश न हों। उसे ज़िन्दगी का एक हिस्सा समझ बस आगे बढ़ जाये। सिर्फ अपने लिए नही बल्कि दुसरों के लिए भी जियें।



 4.परिवार को समय दें: अगर आपके रोज़ जी तोड़ मेहनत करने का कारण पूछा जाए तो आप झट से बोलेंगे की परिवार की जिम्मेदारी है। परिवार के लिए ही बॉस की गालियां सुन लेता हूँ , या गलत चीज़ें भी झेल लेता हूँ। बिल्कुल सच ना! दोस्तों इसे कुछ ऐसे समझें की आपका परिवार ही आपकी ताकत है। आपके जीने की वजह है। तो परिवार में सबसे पहले खुशनुमा माहौल बनाएं। परिवार के साथ छोटी छोटी खुशियां बाटें। उनसे बात करें और उन्हें टाइम दें। 

अगर आप खुश नहीँ होंगे तो आपका परिवार खुश नही रहेगा और अगर आपका परिवार दुःखी होगा तो आपका स्वतः ही किसी कार्य में मन नही लगेगा। पैसे की दौड़ में न भागें, बल्कि परिवार की बेहतरी के लिए कार्य करें। फिर देखिए कैसे आपका मन हर समय प्रसन्न रहता है। ख़ुद के लिए यहां कोई नही जीता यारों, कोई अपने परिवार के लिए जी रहा है, तो कोई अपने बहुत सगे या मित्र के लिए। खुद के लिए जीने के लिए अगर कहा जाए तो दो वक़्त की रोटी से ज्यादा इंसान को और किसी चीज़ की ज़रूरत नही। इसलिए परिवार को वक़्त दें और हमेशा खुश रहें।


5. दिखावे से दूर रहें: दिखावे से दूर रहें: "Show off".   ये एक ऐसा शब्द है जिसके कारण ये दुनिया भागी भागी सी फिरती है। आप चाहे कितना भी कोशिश कर लें लेकिन दिखावे की आदत हम सब में कहीं न कहीं समायी है। पड़ोसी से आगे निकलने के चक्कर में हम इतना दूर निकल आये हैं कि हमें जाना कहाँ है यही भूल बैठे हैं। दिखावे की वजह से हम अक्सर महँगी चीजे खरीद लेते हैं जिसकी हमे असल में ज़रूरत ही  नही होती।अपना स्टेटस मेंटेन करते करते हम इतना थक जाते हैं कि हमें खुद चाह कर भी खुश नहीं रह पाते। 
दोस्तों ज़िन्दगी में कभी किसी से होड़ न करें। करनी भी है तो सिर्फ अच्छाई की। दसरों से अच्छा विचार रखने की होड़ करें। उससे अच्छे कर्म करने की होड़ करें। हमेशा वो चीज़ लें जो ज़रूरत की हो। सबसे मीठा बोलें। भेड़ चाल को बिकुल भी फॉलो न करें बल्कि अपना रास्ता खुद बनाएं। दूसरे क्या कर रहें हैं इस बारे में बिल्कुल न सोचें, बल्कि अपने विचार और अनुभव से जीवन जियें।
दिखावे से दोस्तों आपको कुछ पल की खुशियां तो मिल सकती है, पर मन की शांति नही। ये एक दूसरे से आगे निकलने की रेस कभी न खत्म होने वाली रेस है। इसे जीतने के चक्कर में इंसान भागते भागते चला जाता है परंतु रेस जीत नही पता। इस रेस से खुद को अलग ही रखें। घर परिवार को अच्छी तालीम दें, और जीवन के मूल्यों को समझाएं, अंततः यही तो सच्ची ख़ुशी  के पथ प्रदर्शक हैं।



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2 comments:

  1. Nice line
    https://mahatmajigyanclub.blogspot.com/2018/09/19-interesting-facts-about-swami.html

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